महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार
महिला बाल विकास

ऋण योजनाएं

प्रस्तावना
राष्ट्रीय महिला कोष (RMK), 1993 में स्थापित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के तत्वाधान में एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है । यह गरीब महिलाओं के लिए ऋण प्रदान करने और बढ़ावा देने के उद्देश्यों के साथ एक स्वायत्त पंजीकृत सोसाइटी के रूप में है । इसका उद्द्येश्य विशेष रूप से अल्प ऋण (माइक्रोफाइनांस) के माध्यम से अनौपचारिक और गैर संस्थागत क्षेत्र में महिलाओं का सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण करना है। गरीब महिलायें और गृहस्थी चलाने वाली महिलाएं उत्पादन और खपत प्रयोजनों के लिए अनौपचारिक ऋण स्रोतों पर निर्भर थीं क्योंकि बैंक उनको अपेक्षित स्तर तक की ऋण सेवाएं प्रदान करने में सक्षम नहीं थे और इस प्रकार, अक्सर उच्च ब्याज दरों, अन्य अवांछनीय रूपों में और लगातार क़र्ज़ में डुबाकर इन गरीब महिलाओं का बहुधा शोषण किया गया । इस संदर्भ में राष्ट्रीय महिला कोष का गठन किया गया ।

वर्तमान में आरएमके द्वारा अपनाया जा रहा ऑपरेटिंग मॉडल एक समूह मॉडल है जिसमें आरएमके एक सुविधा एजेंसी है, जो गैर सरकारी संगठनों (एनजीओज़)/मध्यवर्ती सूक्ष्म वित्तपोषण संगठनों(आईएमओज)/स्वयंसेवी संगठनों (वीओज़)को ऋण प्रदान करता है और ये संगठन आगे स्वयं सहायता समूहों व जेएलजीज़ जैसे महिला समूहों को ऋण उपलब्ध कराते हैं। आय सृजन गतिविधियों के लिए संपार्श्विक-मुक्त अल्प ऋण प्रदान करने के लिए महिला लाभार्थियों तक आसानी से पहुंचने के अपने उद्देश्यों को आगे बढ़ाने के लिए, आरएमके एसएचजी महासंघों के माध्यम से एसएचजीज़ और व्यक्तिगत महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए योजनाएं तैयार की है। महिला एसएचजीज के गठन और उनके सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उपाय के रूप में आरएमके के पास माइक्रो फाइनांस प्रबंधन और संचालन पर मध्यवर्ती संगठनों के माध्यम से जागरूकता सृजन, क्षमता निर्माण और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों की व्यवस्था है।

आरएमके के मुख्य उद्देश्य

  • महिलाओं के लिए वित्तीय और सामाजिक अवसंरचना विकास सेवाओं के पैकेज के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन और विकास के एक साधन के रूप में ऋण के संवर्धन के लिए कार्यकलापों को बढ़ावा देना या कार्य करना;
  • महिलाओं के लिए निम्नलिखित सुविधाओं में सुधार के लिए योजनाओं को बढ़ावा देना और उनका समर्थन करना:
    • क) उनके मौजूदा रोजगार की जीविका;
    • ख) बेहतर रोजगार का सृजन;
    • ग) आस्ति निर्माण;
    • घ) परिसंपत्ति मोचन; और
    • च) उपभोग, सामाजिक और आकस्मिक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए
  • ऋण संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए अग्रणी महिला समूहों के संगठनों में भागीदारी दृष्टिकोण को प्रदर्शित करना और दोहराना ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें;
  • वंचित महिलाओं को ऋण और अन्य सामाजिक सेवाएं प्रदान करने के लिए अभिनव तरीकों का उपयोग करके स्वैच्छिक और औपचारिक क्षेत्र को बढ़ावा देना और सहायता करना;
  • मौजूदा सरकारी वितरण तंत्र को संवेदनशील बनाना और महत्वपूर्ण एवं व्यवहार्य ग्राहक के रूप में गरीब महिलाओं की दृश्यता में वृद्धि करना;
  • ऋण और उसके प्रबंधन की भूमिका के संबंध में अनुसंधान, अध्ययन, प्रलेखन, और विश्लेषण को बढ़ावा देना;
  • आरएमके के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकारों और संघ राज्य क्षेत्र प्रशासन, ऋण संस्थाओं, औद्योगिक और वाणिज्यिक संगठनों और गैर-सरकारी, स्वैच्छिक और अन्य संगठनों और निकायों के साथ सहयोग करना और उसे सुरक्षित करना; और
  • आरएमके के उद्देश्यों के अनुरूप शर्तों के अनुकूलअंशदान, अनुदान, योगदान, दान, ऋण, गारंटी, उपहार, वसीयतें आदि स्वीकार करना।


आरएमके की ऋण नीति (क्रेडिट पॉलिसी)

  • आरएमके पंजीकृत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), मध्यवर्ती संगठनों (आईएमओज) और स्वैच्छिक संगठनों (वीओज़) को ऋण प्रदान करता है, जो आगे गरीब महिला लाभार्थियों के समूहों (एसएचजी और एलजी) को उधार देते हैं।
  • आरएमके की गतिविधियों में देश की शहरी और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं शामिल हैं । आरएमके अपनी विभिन्न ऋण योजनाओं, यथा- ऋण संवर्धन योजना, मुख्य ऋण योजना, स्वर्ण ऋण योजना, आवास ऋण योजना, कार्यशील पूंजी ऋण योजना, दोबारा ऋण योजना तथा महासंघों के माध्यम से एसएचजीज को ऋण प्रदान करता है ।
  • जागरूकता, क्षमता निर्माण और कौशल उन्नयन की दिशा में एक उपाय के रूप में आरएमके अपने संसाधन केंद्रों के माध्यम से गैर सरकारी संगठनों/आईएमओज/वीओज़ को प्रशिक्षण की सुविधा प्रदान करता है।

नीति के उद्देश्य:

  • नीति का समग्र उद्देश्य, गैर सरकारी संगठनों/आईएमओज के माध्यम से, व्यक्तिगत और समूह दोनों स्तरों पर क्रेडिट लिंकेज को बढ़ावा देना है, ताकि अनौपचारिक और गैर-संस्थागत क्षेत्र में गरीब महिलाओं को सूक्ष्म वित्तपोषण के माध्यम से वित्तीय सेवाओं का लाभ मिल सके।
  • इस नीति का उद्द्येश्य माइक्रो क्रेडिट के विस्तार के माध्यम से ग्रामीण और शहरी वंचित महिलाओं को ऋण प्रदान करना और अनौपचारिक क्रेडिट सूत्रों के शोषण का शिकार होने से बचाना है।
  • इस नीति का उद्देश्य एक सरलीकृत पहचान प्रक्रिया के माध्यम से क्रेडिट मूल्यांकन कौशल और रणनीति के बारे में दृष्टिकोण की एक समानता स्थापित करना है।
  • इस नीति का उद्देश्य उचित ब्याज दर पर आसान ऋण योजनाओं को शुरू करके बाजार के अवसरों को जब्त करना, व्यापक और तेज पहुंच (आउटरीच) तथा आरएमके के लिए उचित रिटर्न सुनिश्चित करना है।
  • इस नीति का उद्देश्य एनजीओज़ /आईएमओज/ वीओज़ के माध्यम से समूहों का आयोजन करके वंचित और व्यथित महिलाओं का वित्तीय समावेशन और सामाजिक-आर्थिक दायित्वों को पूरा करने का प्रयास करना है ।

आरएमके का ऋण मॉडल

अल्प वित्तपोषण
गैर सरकारी संगठनों/आईएमओज/वीओज़ को ऋण प्रदान करना ताकि वे स्वयं सहायता समूहों/ संयुक्त देयता समूहों और एकल महिला लाभार्थियों को आगे उधार दे सकें।
गैर सरकारी संगठन (एनजीओ):
गैर सरकारी संगठन (एनजीओ): गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की परिभाषा में वे संगठन आते हैं, जो सार्वजनिक सेवा, नैतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, परोपकारी या वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय विचारों के आधार पर इनसे जुड़े कार्यों में संलग्न होते हैं। इनका भारत में प्रवर्त्तमान कानून के तहत पंजीकृत होना जरूरी है ।
मध्यवर्ती संगठन (आईएमओज)
आईएमओ का अर्थ है कि निम्न में से किसी भी कानूनी प्रपत्र में पंजीकृत इकाई जिसका मुख्य उद्देश्य या प्रमुख व्यवसाय माइक्रो फाइनेंस सेवायें प्रदान करना है और जो भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा विनियमित नहीं हैं;

  • सोसायटी पंजीकरण अधिनियम,1860 के तहत पंजीकृत सोसाइटी।
  • भारतीय न्यास अधिनियम, 1880 या धार्मिक या धर्मार्थ सार्वजनिक न्यास को विनियमित करने वाले किसी भी कानून के तहत पंजीकृत सार्वजनिक न्यास।
  • राज्य सहकारी समिति अधिनियम या पारस्परिक रूप से सहायता प्राप्त या पारस्परिक लाभ सहकारी समिति अधिनियम अथवा मल्टी स्टेट कोऑपरेटिव सोसायटी अधिनियम, 2002 अथवा भारत में प्रवर्तमान कानूनों के अंतर्गत सहकारिता से संबंधित किसी अन्य कानून के अंतर्गत पंजीकृत कोई सहकारी समिति। कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अधीन एक अलाभकारी कंपनी।

स्वैच्छिक संगठन (वीओज़)

  • स्वैच्छिक संगठन (वीओज़) की परिभाषा में वे संगठन आते हैं, जो सार्वजनिक सेवा, नैतिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, परोपकारी या वैज्ञानिक और प्रौद्योगिकीय विचारों के आधार पर इनसे जुड़े कार्यों में संलग्न होते हैं। वीओज़ में औपचारिक और अनौपचारिक समूह, जैसे कि समुदाय आधारित संगठन (सीबीओज़); गैर सरकारी विकास संगठन (एनजीडीओज़); धर्मार्थ संगठन; सहायक संगठन; ऐसे संगठनों के नेटवर्क अथवा संघ एवं व्यावसायिक सदस्यता संघ आदि शामिल होते हैं।
  • किसी एनजीओ/आईएमओ/वीओ को उपर्युक्त अधिनियमों में से किसी एक के भी अधीन पंजीकृत होना चाहिए और उन्हें अल्प ऋण गतिविधियों में संलग्न होना चाहिए। एनजीओज़ का नीति आयोग (एनजीओ दर्पण) में तथा लोक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली में पंजीकरण होना अनिवार्य है।

गठजोड़ के लिए एनजीओ/आईएमओ/वीओ के चयन के लिए मानदंड

  • एनजीओ/आईएमओ/वीओ के पास ग्रामीण/शहरी गरीब समूहों के साथ काम करने की सिद्ध क्षमता होनी चाहिए।
  • उनके पास पिछले 3 वर्षों से लेखा रखने और व्यवस्थित लेखा परीक्षा बैलेंस शीट की उचित प्रणाली होनी चाहिए।
  • गैर-सरकारी संगठन/आईएमओ/वीओ में उधार पर निकटतम निगरानी के लिए प्रशिक्षित फील्ड स्तर के कर्मचारियों की पर्याप्त संख्या होनी चाहिए।
  • माइक्रो वित्त से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए पेशेवर प्रशिक्षित स्टाफ होना चाहिए
  • पिछले तीन सालों में बोर्ड बैठकें नियमित आधार पर आयोजित की गई होनी चाहिए। चर्चा के कार्यवृत्त को ठीक से रिकॉर्ड किया गया हुआ होना चाहिए।
  • इसने आरबीआई अधिनियम के प्रावधान के उल्लंघन में जनता से जमा स्वीकार नहीं किया हुआ होना चाहिए।

ऋण के लिए आवेदन के साथ एनजीओ/आईएमओ/वीओ द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज़/सूचनायें:

क) प्रशासनिक:

  • पंजीकरण प्रमाणपत्र/नवीकरण की प्रमाणित प्रति।
  • संबंधित प्राधिकरण से ज्ञापन और लेख के प्रमाण पत्र की प्रमाणित प्रति।
  • एनजीओ/आईएमओ को नीति आयोग (एनजीओ दर्पण) और पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के साथ पंजीकृत किया होना चाहिए और प्रमाण पत्र/विवरण की एक प्रति आरएमके को प्रदान किया जाना चाहिए।
  • गैर-सरकारी संगठनों/आईएमओ/वीओज़ को निम्नलिखित के संबंध में एक वचनपत्र प्रस्तुत करना होगा, अर्थात:
    • क) एसएचजी और अंतिम लाभार्थी को दिए गए ऋण (ऑन-लैंडिंग) रकम पर आरएमके द्वारा समय-समय पर निर्धारित दर पर ब्याज लगाना/वसूलना।
    • ख)आरएमके के ऋण की प्रवर्त्तमान अवधि के दौरान संगठन के पंजीकरण को जीवित रखने के संबंध में।
    • ग) उस संगठन के पदाधिकारी किसी भी राजनीतिक पार्टी के चुने हुए सदस्य/ऐसे किसी अन्य संगठन की प्रबंधन समिति के सदस्य नहीं हैं
    • घ) गैर सरकारी संगठन के पते में और पदाधिकारियों के परिवर्तन की स्थिति में आरएमके को सूचित करना।
    • च) कभी भी किसी भी सरकारी एजेंसी/वित्तीय संस्थान/वित्त पोषण संगठन/ विकास एजेंसी द्वारा ब्लैकलिस्ट नहीं किये गए हैं ।
  • अधिकतम 3 वर्षों की एनजीओ/आईएमओ की गतिविधियों पर प्रकाशित सामग्री (वार्षिक रिपोर्ट), यदि कोई हो।
  • उधारकर्ताओं के बैंकरों द्वारा प्रमाणित अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं की सूची (केवल निर्वाचित सदस्यों के बीच) उनके नमूने हस्ताक्षर के साथ ।
  • निदेशकों / कार्यालय पदाधिकारियों की प्रमाणित अद्यतन सूची।
  • संगठन की अवसंरचना की उपलब्धता के बारे में जानकारी और कार्यान्वयन के लिए तथा ग्रुप सदस्यों के प्रशिक्षण आदि के लिए मौजूदा जनशक्ति की सूची ।
  • सभी व्यक्तिशः लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों, मोबाईल नंबरों की सूची और लाभार्थियों के आधार कार्ड की प्रतिलिपि।

ख. वित्तीय:

  • वार्षिक रिपोर्ट के साथ पिछले 3 वर्षों की लेखा-परीक्षित बैलेंस शीट।
  • यदि अन्य संगठनों से उधार लिया जाता है:
    • क) अनुदान एजेंसियों/सरकारी विभागों आदि से प्राप्त संस्वीकृतियों की प्रतियां ।
    • ख) फंडिंग एजेंसियों/सरकारी विभागों आदि से प्राप्त निधि का उपयोग प्रमाणपत्र ।
    • ग) ऐसी फंडिंग एजेंसियों से बकाया नहीं/अधिक बकाया तथा शेष बकाया राशि का प्रमाण-पत्र ।
  • पिछले 2/3 वर्षों के दौरान क्रियान्वित सामाजिक-आर्थिक विकास गतिविधियों का विवरण।
  • जैसा लागू हो, पिछले तीन वर्षों के डीसीबी (डिमांड, कलेक्शन, बैलेंस) ।
  • संगठन के उप-नियम / समझौता ज्ञापन में एक खंड होना चाहिए कि वह किसी भी एजेंसी से उधार ले सकता है और एसएचजी को उधार दे सकता है।
  • अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता द्वारा प्रमाण पत्र, जिसमें कहा गया हो कि सभी एजेंसियों से संगठन द्वारा जो उधार लिया गया है ,वह संगठन के उप-नियम/ समझौता ज्ञापन के तहत विहित की गई कुल उधार शक्ति के भीतर हैं।
  • निम्नलिखित को शामिल करते हुए विस्तृत परियोजना प्रस्ताव:
  • परियोजना के उद्देश्य, कार्यान्वयन का क्षेत्र, चयनित समूह, आदि।
  • वर्ष-वार भौतिक और वित्तीय प्रदर्शन संकेतक। यदि प्रस्ताव किसी भी चालू कार्यक्रमों के संचालन को मापने के लिए है, तो चुकौती अवधि सहित इस तरह के चल रहे कार्यक्रम का नवीनतम विवरण प्रस्तुत किया जाये।
  • परियोजना के लिए खुद की निधि सहित, प्रस्तावित वित्तपोषण व्यवस्था के स्रोत का विस्तृत विवरण।
  • विस्तृत नकदी प्रवाह विवरण, जिसमें प्रस्तावित और अन्य उधारी के पुनर्भुगतान और प्रबंधन की लागत सहित (व्यापार गतिविधियों पर) इन्फ्लो और आउटफ्लो इंगित किया गया हो। इन्फ्लो और आउटफ्लो का ब्यौरा साफ-साफ दिया गया हो।
  • एनजीओ / आईएमओ / वीओ, जो 1 करोड़ रुपये और उससे अधिक के ऋण के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें प्रमाणित रेटिंग एजेंसियों- क्रिसिल / एम सीआरआईएल, केयर आदिसे नवीनतम क्रेडिट रेटिंग रिपोर्ट प्राप्त करना चाहिए।
  • बकाया, यदि कोई हो, के उल्लेख के साथ शेष ऋण राशि का विवरण।
  • कुल मांग, संग्रह, अतिदेय और वसूली % जो चार्टर्ड एकाउंटेंट द्वारा विधिवत प्रमाणित किया गया हो।


ग) प्रबंधकीय

निर्धारित प्रोफोर्मे में विधिवत स्वयं -प्रमाणित मौजूदा प्रबंध समिति के सदस्यों का विवरण।
संगठन के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से स्वयं-प्रमाणित, उनकी पासपोर्ट आकार की तस्वीरें।
अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष के निवास और पैन कार्ड के प्रमाण के बारे में प्रमाण पत्र, उनके वर्तमान और स्थायी पते के साथ स्वयं-प्रमाणित।
कोई भी निर्णय लेने के लिए समझौता ज्ञापन/उप नियमों में 2/3 कोरम का उप-खंड।
आरएमके से निपटने/ऋण दस्तावेजों के निष्पादन के लिए से किसी व्यक्ति को प्राधिकृत करने वाले बोर्ड के संकल्प की स्व-प्रमाणित सत्य प्रतिलिपि ।
परियोजना के लिए निगरानी तंत्र।

आरएमके की ऋण योजना

आरएमके की ऋण योजनाएं इस प्रकार हैं:

  • -ऋण संवर्धन योजना
  • मुख्य ऋण योजना
  • स्वर्ण क्रेडिट स्कीम
  • आवास ऋण योजना
  • कार्यशील पूंजी आवधिक ऋण (वर्किंग कैपिटल टर्म लोन) योजना
  • दोबारा ऋण योजना


(1) ऋण संवर्धन योजना

यह योजना बचत और ऋण में कम से कम 6 महीने के अनुभव वाले नए और छोटे संगठनों को ऋण प्रदान करने के लिए है। संगठन 10 लाख रुपये तक की अधिकतम ऋण का लाभ उठा सकता है।

(2)मुख्य ऋण योजना

यह योजना बचत और क्रेडिट गतिविधियों में कम से कम 3 वर्षों के अनुभव वाले संगठनों को ऋण प्रदान करने के लिए है। संगठन 1 राज्य के लिए 2 करोड़ रूपये तक का अधिकतम ऋण प्राप्त कर सकता है। एक संगठन एक समय में अधिकतम 3 राज्यों के लिए योजना के तहत ऋण का लाभ उठा सकता है। यदि संगठन 1 से अधिक राज्यों के लिए ऋण लेता है, तो अधिकतम ऋण राशि 6 करोड़ रुपये तक हो सकती है।

(3) स्वर्ण क्रेडिट स्कीम

यह योजना मध्यम और बड़े एनजीओ को थोक ऋण प्रदान करने के लिए है। यह योजना ऐसे संगठनों के लिए होती है, जो पहले आरएमके से ऋण ले चुके हैं और चुकौती में उनसे चूक नहीं हुई है। संगठन 5 करोड़ रुपए तक का अधिकतम ऋण प्राप्त कर सकता है।

(4)आवास ऋण योजना

यह योजना स्वयं सहायता समूह/संयुक्त दायित्व समूह (जेएलजी) की सदस्य महिलाओं को घरों के निर्माण/मरम्मत और रखरखाव के लिए ऋण प्रदान करने के लिए है। यह ऋण आईएमओ/एनजीओ/वीओ के माध्यम से प्रदान किया जाता है। कम लागत वाले घर के निर्माण के लिए संगठन प्रत्येक लाभार्थी को 1,00,000 रुपये तक का अधिकतम ऋण प्राप्त कर सकता है। संगठन को आरएमके के ऋण से बनी अचल संपत्ति के टाइटल डीड को जमा कराकर उसको गिरवी रखनी होगी, एनजीओ/आईएमओ/वीओ आरएमके के विश्वास में काम करते हुए टाइटल डीड अपने पास जमा कर सकते हैं और इसके बारे में सूचना आरएमके क़े डाटाबेस में रखने क़े लिए इसे भेज सकते हैं। एक गैर सरकारी संगठन/आईएमओ/वीओ एक समय में अधिकतम 3 राज्यों के लिए अधिकतम 6 करोड़ रूपये प्राप्त कर सकता है ।

आरएमके की ऋण योजनाओं के I से IV के लिए सामान्य पात्रता मानदंड:

  • संगठन को आरएमके क़े पास आवेदन करने की तारीख को किसी वैधानिक निकाय से कम से कम 3 वर्ष पूर्व पंजीकृत होना चाहिए।
  • संगठन के पदाधिकारी जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत किसी भी राजनीतिक पार्टी/किसी ऐसे संगठन की प्रबंध समिति के निर्वाचित प्रतिनिधि होंगे।
  • संगठन क़े पास 3 साल या उससे अधिक का बचत एवं ऋण प्रबंधन में अनुभव होना चाहिए और/या माइक्रो क्रेडिट/बैंकिंग/एनबीएफसी ऋण देने के संचालन का कम से कम 5/10 साल क़े अनुभव वाले प्रमोटर/सीनियर मैनेजमेंट होने चाहिए।
  • एनजीओ/आईएमओ/वीओ क़े पास लेखा-परीक्षित वित्तीय विवरण होना चाहिए (यदि गैर-सरकारी संगठन के पास एक कार्यक्रम के रूप में माइक्रोफाइनेंस हो तो, एनजीओ क़े पास एमएफ कार्यक्रम के लिए अलग लेखा परीक्षित वित्तीय विवरण होना चाहिए), और इसके लिए वित्तीय, आवश्यकतानुसार सिस्टम, प्रक्रियाएं और कार्यविधियां होनी चाहिए, जैसा कि लेखांकन, आंतरिक लेखा परीक्षा, जोखिम प्रबंधन, समय पर एमआईएस आदि वित्तीय मध्यवर्ती संगठनों क़े पास होना अपेक्षित है। ऋण के लिए आवेदन करने वाले संगठन क़े पास गरीब महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति का व्यापक उद्देश्य होना चाहिए।
  • आवेदन में स्पष्ट रूप से पूर्व में लिए ऋण के उपयोग हेतु निधियों के स्रोत का उल्लेख किया जायेगा।
  • इसके सदस्यों को पहले दिए गए ऋण की वसूली कम से कम 90% होनी चाहिए।
  • किसी बाहरी एजेंसी से ऋण उधार लेने या बढ़ाने की शक्तियों के बारे में संगठन के एसोसिएशन के उप-कानून/ज्ञापन में उचित और विशिष्ट खंड/प्रावधान होना चाहिए।
  • एनजीओ/आईएमओ/वीओ किसी भी एफआई/एनबीएफसी/बैंक/सरकारी निगम के लिए चूक कर्ता नहीं होना चाहिए।
  • ऋण देना एनजीओ क़े मुख्य उद्देश्य उपखण्ड में इंगित होना चाहिए और उसकी संपत्ति को बंधक रखने का अधिकार भी होना चाहिए।
  • गैर-सरकारी संगठन/आईएमओ/वीओ को जिम्मेदार ऋण प्रथाओं के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।
  • गैर-सरकारी संगठन/आईएमओ/वीओ को प्रत्येक ग्राहक की उधार लेने के बारे में विशिष्ट जानकारी मांगने और यह सुनिश्चित करने के लिए परिश्रम करना चाहिए कि कोई भी ग्राहक दो से अधिक एमएफआई/बैंकों/निगमों से ऋण नहीं उठा रहा है।


ऋण का उद्देश्य
आरएमके से ऋण प्राप्त करने वाले संगठन निम्नलिखित उद्देश्यों के लिए अंतिम लाभार्थियों को उधार देगा: -
क) लघु व्यवसाय, परिसंपत्ति निर्माण, कृषि, लघु दुकान, पशुपालन, परिवहन सेवाएं आदि की स्थापना जैसे आय पैदा करने वाली गतिविधियों क़े लिए ।

ख) उपभोग ऋण:

  1. जीवन चक्र की जरूरत है: जन्म, मृत्यु, शिक्षा, विवाह, घर निर्माण, वृद्धावस्था, विधवा, महोत्सव और अन्य पारिवारिक घटनाओं आदि क़े लिए।
  2. आपातकालीन आवश्यकताएं: चिकित्सीय आकस्मिकताओं, प्राकृतिक आपदाओं, चोरी और दुर्घटनाओं आदि क़े लिए।

ब्याज की दर

आरएमके गैर-सरकारी संगठनों/आईएमओज़/वीओज़ द्वारा लिए गए ऋणों और स्वयं -सहायता समूहों/ लाभार्थियों को दिए गए ऋणों पर ब्याज क़े दरों को समय-समय पर संशोधित कर सकता है।
17.11.2015 से ब्याज की दरें निम्नानुसार हैं;
आरएमके द्वारा एनजीओ को दिए गए ऋण पर - कम होते शेष पर 6% प्रति वर्ष
एनजीओ द्वारा एसजीज/व्यक्तिगत लाभार्थी को दिए गए ऋण पर - कम होते शेष पर 6% प्रति वर्ष या अधिक परन्तु 10% प्रति वर्षकी अधिकतम सीमा के अधीन

ऋण का वितरण

ऋण के उद्देश्य में यथा वर्णित, आरएमके निधि का उद्देश्य आय सृजन गतिविधियों के लिए है। उपभोग प्रयोजनों के लिए ऋण आईएमओ द्वारा महिला लाभार्थियों को दी गई कुल राशि का 1% से अधिक नहीं होगा।

सुरक्षा/ज़मानत

50 लाख रूपये तक क़े ऋण के लिए कोई ज़मानत नहीं।
50 लाख से अधिक और 1 करोड़ रूपये तक के ऋण:- मार्जिन राशि के रूप में परियोजना की लागत का 10% फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में ऋण चुकता होने तक।
1 करोड़ रुपये से अधिक के ऋण के लिए:- मार्जिन राशि के रूप में परियोजना लागत का 10%, ऋण राशि चुकाए जाने तक आरएमके के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखा जाएगा और ऐसी संपत्तियों को गिरवी रखने की उचित प्रक्रिया का पालन करने के बाद ऋण के बराबर अथवा उसके 50% से अधिक मूल्य वाले उस अचल सम्पत्ति को जमा द्वारा संपार्श्विक सुरक्षा के रूप में लिया जाएगा।
एनजीओ/आईएमओ/वीओ आरएमके के आवास ऋण योजना से बनाई गई अचल संपत्तियों को आरएमके के लिए विश्वास में अपने पास रख सकते हैं।

बीमा
उधार लेने वाले संगठन/अंतिम लाभार्थी आरएमके के ऋण से बनाई गई सभी संपत्तियों का पर्याप्त बीमा कवर सुनिश्चित करेंगे ।

वापसी
गोल्ड कार्ड स्कीम के अलावा अन्य सभी योजनाओं के तहत ऋण की रकम तीन साल के भीतर चुकाई जा सकती है, यानी 6 महीने की शुरुआती गर्भावस्था अवधि के साथ ३0 महीने की मासिक किश्तों में । गोल्ड कार्ड स्कीम के लिए पुनर्भुगतान अवधि एक वर्ष की प्रारंभिक गर्भावस्था अवधि के साथ 30 मासिक किश्तें हैं।

मार्जिन
संगठन से अपेक्षा है कि वे आरएमके से लिए जाने वाले ऋण का 10% एक मार्जिन राशि के रूप में योगदान करें। एनजीओज़/आईएमओज़/वीओज़ को स्वीकृत परियोजना की कुल लागत का 90% मिलेगा। हालांकि, उधारकर्ताओं की बचत/अनिवार्य बचत/स्वैच्छिक बचत मार्जिन पैसे के रूप में इस्तेमाल नहीं की जानी चाहिए।

संवितरण

गैर-सरकारी संगठनों/आईएमओ/वीओ को 1 करोड़ रूपये तक की ऋण राशि दो समान किश्तों में वितरित की जाएगी और एक करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि यूनिट की यात्रा और आरएमके के प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर 40:40:20 के अनुपात में 3 किश्तों में जारी की जाएगी।अंतिम संवितरण सक्षम प्राधिकारी के उचित अनुमोदन के बाद किया जाएगा।
प्रति व्यक्तिगत लाभार्थी को उधार दिए जाने की राशि की अधिकतम सीमा निम्नलिखित होगी :
क) नए उधारकर्ता: रु. 60, 000/-
ख) दोबारा उधारकर्ता: 1,00,000/-(मौजूदा प्लस नया ऋण)
एनजीओ/आईएमओज/वीओज़ द्वारा लाभार्थियों को किए जाने वाले सभी संवितरण केवल उनके आधार से लिंक किए गए बैंक खातों के माध्यम से ही होंगे।

निगरानी
ऋण प्रस्तावों/ऋणों के उपयोगों का मूल्यांकन करने के लिए आरएमके द्वारा मंजूरी-पूर्व एवं मंज़ूरी-पश्च निगरानी की जानी चाहिए।

(5) कार्यशील पूंजी ऋण (डब्ल्यूसीएल) योजना
यह योजना महिला एसएचजी/व्यक्तियों और समूह उद्यमियों के उत्पाद के पिछड़े और अग्र विपणन लिंकेज के लिए मध्यस्थ संगठन के लिए कार्यशील पूंजी सावधि ऋण प्रदान करने के लिए है, अर्थात् प्रौद्योगिकी अंतरण, शिक्षा और कौशल उन्नयन। आवेदक को आरएमके के पास विस्तृत परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करना है ।

1. पात्रता की शर्तें

  1. पात्रता की शर्तें पूर्व-इंगित ऋण योजनाओं के अंतर्गत निर्धारित शर्तों के समान ही रहती हैं ।
  2. संगठन को एक विस्तृत परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करना है, जो आर्थिक और तकनीकी रूप से व्यवहार्य होना चाहिए और संगठन के सामाजिक उद्देश्यों/दायित्वों को पूरा करने वाला होना चाहिए
  3. उधार लेने वाले संगठन को आरएमके/सिडबी/नाबार्ड/वाणिज्यिक बैंकों/अन्य वित्तीय संस्थानों की अल्प/ सूक्ष्म-ऋण योजना के अंतर्गत ऋण का लाभ उठाना चाहिए और चुकौती अनुसूची के अनुसार चुकाना चाहिए।


2. ऋण का प्रयोजन
डब्लूसीटीएल के अंतर्गत उधार संगठन द्वारा ऋण का उपयोग निम्नलिखित प्रयोजन के लिए किया जा सकता है:-

  • क) सूक्ष्म ऋण जैसे कार्यक्रम को लागू करने के लिए निम्नलिखित बुनियादी ढांचे के विकास के लिए:-
    1. स्व-सहायता समूह के उत्पादों को उत्पादन-स्थल से बाजार तक जगह ले जाने के लिए वाहन।
    2. स्वयं-सहायता समूह की गतिविधियां चलाने के लिए कार्य शेड ।
    3. स्वयं-सहायता उत्पादों की बिक्री के लिए व्यावसायिक दुकाने।
    4. द्रुतशीतन संयंत्र, गोडाउन, स्थानीय हाट आदि की स्थापना हेतु।
  • ख) आरएमके से लिए गए धन का निवेश करके और स्वयं-सहायता समूहों/महिला उद्यमियों के सदस्यों को रोजगार देकर विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों को पूरा करना।
  • ग) स्वयं-सहायता समूह क़े उत्पादों का प्रापण एवं विपणन।
  • घ) स्वयं-सहायता समूहों के सदस्यों को रोजगार देकर ज़मीन खरीदना/पत्ते पर लेना और उसमें फसल उगाना ।
  • च) आय सृजन गतिविधियों को शुरू करने क़े लिए व्यक्तिगत महिला सूक्ष्म उद्यमियों या महिला समूह की उद्यमियों को ऋण प्रदान करना। संगठन को महिला उद्यमियों के उत्पाद का विपणन शुरू करना और ऋण की चुकौती सुनिश्चित करना है।
  • क) कम से 1/3 महिला सदस्यों वाली बीमार सोसायटियों का पुनर्वास करना ।
  • ख) स्वयं-सहायता समूहों के सदस्यों/महिला उद्यमियों क़े लिए विभिन्न प्रशिक्षण/क्षमता निर्माण/कौशल उन्नयन/शिक्षा कार्यक्रम चलाना।
  • ग) जीवन चक्र की आवश्यकता: जन्म, मृत्यु, शिक्षा, विवाह, घर निर्माण, वृद्धावस्था, विधवापन, त्योहार, और परिवार के अन्य आयोजन आदि ।
  • घ) आपातकालीन जरूरतें : चिकित्सीय आपात स्थिति, प्राकृतिक आपदा, चोरी और दुर्घटनाएं आदि ।

3. ऋण की अधिकतम राशि

  1. उधार लेने वाले संगठन कोआरएमके द्वारा प्रदत्त किए जाने वाले ऋण की अधिकतम राशि प्रति राज्य दो करोड़ रुपए होगी। हालांकि, संगठन 3 राज्यों में परिचालन करने के लिए 6 करोड़ रुपये का अधिकतम ऋण का लाभ उठा सकता है ।
  2. ऋण की वास्तविक आवश्यकता, संगठन का वित्तीय स्वास्थ्य/ प्रबंधन, लघु ऋण में अनुभव/जोखिम और संगठन की साख को ध्यान में रखते हुए मामले-दर-मामले पर निर्णय लिया जाना चाहिए।
  3. पहले ऋण की पूर्ण चुकौती के बाद ही दूसरा ऋण दिए जाने पर विचार किया जाएगा.
  4. कार्यशील पूंजी ऋण राशि पर पहुंचने का फार्मूला निम्नानुसार होगा:-
  5. प्रस्तावित ऋण प्रस्ताव की राशि - संगठन के साथ उपलब्ध मार्जिन = कार्यशील पूंजी सावधि ऋण (डब्लूसीटीएल)।
  6. संगठन द्वारा लिए गए ऋण (डब्लूसीटीएल) के उचित उपयोग के लिए हर वर्ष इसकी समीक्षा की जाएगी।

4. सुरक्षा

  1. रुपये 50 लाख तक के ऋण के लिए कोई ज़मानत नहीं ।
  2. 50 लाख रुपए से अधिक और 1 करोड़ रुपए तक के ऋण के मामले में, संगठन को ऋण की कुल चुकौती हो जाने तक सावधि जमा के रूप में परियोजना लागत का 10% मार्जिन राशि के रूप में प्रदान करना होगा।
  3. 1 करोड़ रुपए से अधिक के ऋणों के लिए, परियोजना लागत का 10%आरएमके के पास सावधि जमा के रूप में मार्जिन मनी के रूप में रखा जाएगा जब तक कि ऋण चुकाया जाता है और अचल संपत्ति के बराबर मूल्य या उसके 50% से अधिक ऋण राशि को शीर्षक विलेख (समान बंधक) के जमा द्वारा संपार्श्विक प्रतिभूति के रूप में गिरवी रखने के नियमों का विधिवत पालन करने के बाद बंधक रखा जायेगा।
  4. आरएमके के ऋण से निर्मित सभी चल संपत्तियां राष्ट्रीय महिला कोष को दृष्टिबंधक की जाएंगी।
  5. संगठन को बंधक (समान बंधक, जो कि शीर्षक विलेख, जो जमानत के रूप में ली गई अचल संपत्तियां संपार्श्विक के रूप में जमा की जाएंगी) बंधक रखना होगा।
  6. जहाँ गैर-सरकारी संगठनों/आईएमओज द्वारा ऋण की ऑन-लेंडिंग किसी स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को की जाती है, वहां ऋण से बनाई गई संपत्ति सदस्यों के नाम पर बनी रहेगी।

5. बीमा
उधार संस्था/वैयक्तिक लाभार्थियों को आरएमके के ऋण से बनाई गई चल और अचल संपत्तियों का पर्याप्त बीमा कवर सुनिश्चित करना होगा।

6. चुकौती
6 महीने की प्रारंभिक गर्भ-काल अवधि के साथ 36 महीने की मासिक किस्तों में पुनर्भुगतान किया जाना है।

7. ब्याज की दर
जैसे कि अन्य ऋण योजनाओं के तहत ऊपर दिया गया है

8. मार्जिन
संस्था को आरएमके से लिए जा रहे कुल कार्यशील पूंजीगत आवधिक ऋण का 10% का मार्जिन योगदान करना आवश्यक है ।

9. संवितरण
आरएमके के प्रतिनिधियों द्वारा इकाई यात्रा के बाद और उनके द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों के आधार पर और सक्षम प्राधिकारी के विधिवत अनुमोदन के बाद आईएमओज/वीओज़ को 1 करोड़ रुपये तक की ऋण राशि का संवितरण दो किस्तों और 1 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि का संवितरण 3 किश्तों (40:40:20 के अनुपात में) में किया जायेगा

10. मॉनिटरिंग
अन्य योजनाओं की तरह ऋण प्रस्तावों/ ऋण के उपयोग का मूल्यांकन करने के लिए आरएमके द्वारा मंजूरी-पूर्व निगरानी और मंजूरी-पश्च मॉनिटरिंग की जाएगी

(6) दोबारा ऋण योजना

दोबारा ऋण के लिए यह ज़रूरी है कि गैर सरकारी संगठन/आईएमओज ने विना किसी व्यवधान अथवा देरी के पिछले ऋण का 80% भाग चुका दिया हो। मूल्यांकन, अनुमोदन आदि के लिए अन्य सभी मानदंड वही होंगे, जो आरएमके की ऋण योजनाओं के उप पैरा (i) से (iv) तक में यथा-वर्णित एक नए ऋण लेने के लिए होते हैं।

आवेदन आरएमके ऋण फार्म

सूचना पट्ट

चर्चा में

  • आरएमके और महिला ई-हाट के नेटवर्क के विस्तार के लिए आउटरीच कमेटी का गठन   और उनकी क्षमता-निर्माण योग्यता।
  • आरएमके का पुनरीक्षित ऋण दिशा निर्देश
  • एनजीओ दर्पण पोर्टल
महत्वपूर्ण लिंक